मोतिहारी एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहल उठा है। बेखौफ अपराधियों ने शुक्रवार सुबह वीआईपी पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष कामेश्वर सहनी की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। यह घटना दरपा थाना क्षेत्र के तिनकोनी गांव की है, जहां सुबह की खामोशी को गोलियों की आवाज़ ने चीखों-पुकार में बदल दिया।
सुबह शौच के लिए निकले, रास्ते में घात लगाकर हत्या
रोज़ की तरह कामेश्वर सहनी सुबह शौच के लिए घर से निकले थे। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया। अपराधियों ने बेहद नजदीक से चार गोलियां दागीं, जिससे कामेश्वर सहनी मौके पर ही गिर पड़े और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। वारदात इतनी अचानक और निर्मम थी कि आसपास मौजूद लोग सदमे में आ गए और गांव में दहशत फैल गई।
हमले के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए फरार हो गए, जबकि मौके पर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने फोन कर तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ पहुंचे, छानबीन जारी
सूचना मिलते ही रक्सौल डीएसपी, दरपा थाना पुलिस और आसपास के कई थानों की टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर छानबीन शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले खोखे और अन्य सबूत फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया है और आसपास के गांवों में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—
पुरानी रंजिश
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता
स्थानीय आपराधिक गैंग की साजिश
फिलहाल पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।
वीआईपी पार्टी में आक्रोश, कार्यकर्ताओं ने कहा—”यह राजनीतिक टारगेट किलिंग”
कामेश्वर सहनी की हत्या ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। वीआईपी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा की है और इसे साफ तौर पर “टारगेट किलिंग” करार दिया है। उनका कहना है कि पार्टी के सक्रिय नेताओं को निशाना बनाकर डराने की कोशिश की जा रही है।
कुछ नेताओं ने दावा किया है कि कामेश्वर सहनी पिछले कुछ महीनों में काफी सक्रिय थे और उनकी बढ़ती राजनीतिक पकड़ कुछ लोगों को खटक रही थी।
गांव में मातम और खामोशी, लोग सदमे में
तिनकोनी गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है। लोग सदमे में हैं और इस निर्मम हत्या पर आक्रोशित भी। गांव में हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है—
“आखिर किसने और क्यों प्रखंड अध्यक्ष को निशाने पर लिया?”
घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। लोगों ने इलाके में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताई है।
जांच तेज, पर सवालों की गूंज बरकरार
पुलिस तफ्तीश में जुटी है, पर इलाके में खामोशी अब भी भारी बनी हुई है। गोलियों की तड़तड़ाहट से टूटी यह सुबह तिनकोनी गांव के लोगों को लंबे समय तक याद रहेगी। फिलहाल पुलिस टीम अपराधियों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

















