बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर से एक बेहद चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां एक महिला की जीवन भर की बचत साइबर अपराधियों ने कुछ ही दिनों में साफ कर दी। यह घटना न सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर बड़ी चेतावनी भी मानी जा रही है।
₹11 लाख से अधिक की ठगी
पीड़िता ने जमीन खरीदने के लिए अपनी जीवन भर की बचत संभालकर रखी थी। जानकारी के अनुसार, महिला ने अपनी एफडी (Fixed Deposit) तुड़वाकर ₹11,03,027 रुपये पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा किए थे।
लेकिन 22 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच साइबर अपराधियों ने कई अवैध ट्रांजैक्शन के जरिए पूरा खाता खाली कर दिया।
जब महिला बैंक पासबुक अपडेट कराने पहुंची, तब उसे पता चला कि उसके खाते में कुछ भी शेष नहीं बचा है।
मोबाइल और गेमिंग का कनेक्शन
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता का मोबाइल उसका बेटा इस्तेमाल करता था, जिसे ऑनलाइन गेमिंग की लत थी।
साइबर डीएसपी राकेश रंजन के अनुसार, आशंका है कि किसी फिशिंग लिंक या संदिग्ध ऐप के जरिए मोबाइल में सेंध लगाकर ओटीपी और बैंकिंग जानकारी हासिल की गई हो सकती है।
ओटीपी और मैसेज इग्नोर करना बना बड़ी गलती
जांच में यह भी सामने आया है कि एक सप्ताह के भीतर मोबाइल पर कई OTP और ट्रांजैक्शन अलर्ट आए थे, जिन्हें या तो नजरअंदाज कर दिया गया या अनजाने में साझा कर दिया गया। यही लापरवाही इस बड़े फ्रॉड का कारण बनी।
साइबर पुलिस की चेतावनी और गाइडलाइन
इस घटना के बाद साइबर पुलिस ने आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
ओटीपी, सीवीवी और पिन किसी से साझा न करें
अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें
केवल अधिकृत बैंकिंग ऐप का ही उपयोग करें
बच्चों को बैंकिंग मोबाइल देने से बचें या लिमिट सेट करें
किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें
मुंगेर की यह घटना डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों का गंभीर उदाहरण है। थोड़ी सी लापरवाही जीवन भर की कमाई को मिनटों में खत्म कर सकती है। पुलिस की जांच जारी है और यह मामला अब साइबर सुरक्षा जागरूकता का बड़ा संदेश बन गया है।

















