पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर राज्यव्यापी यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। यह यात्रा मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) के बाद शुरू होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, 16 जनवरी से यात्रा की शुरुआत हो सकती है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जल्द ही यात्रा की तारीखें और कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है।यह यात्रा नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री काल की 16वीं बड़ी राज्यव्यापी यात्रा होगी। 2005 से अब तक उन्होंने न्याय यात्रा, विकास यात्रा, धन्यवाद यात्रा, विश्वास यात्रा, जल-जीवन-हरियाली यात्रा, समाज सुधार यात्रा, समाधान यात्रा और प्रगति यात्रा सहित 15 यात्राएं निकाल चुके हैं। नवंबर 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड जीत (202 सीटें) मिलने के बाद यह उनकी पहली बड़ी जनसंपर्क यात्रा होगी।यात्रा का मुख्य उद्देश्य:
- विकास कार्यों की समीक्षा: पिछले साल (2024-2025) में निकाली गई प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की पड़ताल करना। जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, वहां लोकार्पण और शिलान्यास भी संभव।
- जनता से आभार: चुनाव में एनडीए की जीत के लिए बिहार की जनता का धन्यवाद ज्ञापित करना और सीधे संवाद करना।
- महिला सशक्तिकरण: जीविका दीदियों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की स्थिति का जायजा लेना।
- नई घोषणाएं: यात्रा के दौरान कुछ नई योजनाओं की घोषणा की संभावना भी जताई जा रही है।
यात्रा की संभावित शुरुआत वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) से हो सकती है। यह यात्रा दो-तीन चरणों में पूरी की जा सकती है। सभी जिलों में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जिलाधिकारियों और एसपी को यात्रा से जुड़े इंतजामों के निर्देश दे दिए गए हैं।74 वर्ष की उम्र में भी नीतीश कुमार की यह यात्रा उनके सक्रिय राजनीतिक जीवन का प्रतीक मानी जा रही है। रिटायरमेंट की अटकलों के बीच यह यात्रा सियासी तौर पर भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी लाने का माध्यम बनेगी।इस यात्रा से पहले खरमास (मलमास) खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। उधर, मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज की परंपरा भी जारी रहेगी, लेकिन यात्रा इसके तुरंत बाद शुरू हो सकती है।















