बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। नए साल 2026 में मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में यह पहली कैबिनेट बैठक रही। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित सभी कैबिनेट मंत्री शामिल हुए।
यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान एनडीए द्वारा राज्य की जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए कैबिनेट ने कई अहम निर्णय लिए।
बैठक में विशेष रूप से नौकरी और रोजगार के सृजन पर जोर दिया गया। विभिन्न विभागों में लंबित रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इसके साथ ही निजी सेक्टर में निवेश को आकर्षित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकें।
इसके अलावा, कैबिनेट ने विकास योजनाओं को क्रियान्वित करने और विभिन्न विभागों के कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को लेकर भी अहम निर्णय लिए। अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक राज्य में विकास और रोजगार बढ़ाने की दिशा में नीतीश सरकार की तैयारियों को गति देने वाली है।
बैठक में लिए गए निर्णयों से बिहार की नई सरकार के लोककल्याण और रोजगार रणनीति को मजबूती मिलेगी और जनता को उनके अपेक्षित वादों के प्रति विश्वास बढ़ेगा।














