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पप्पू यादव की जमानत पर फिर टली सुनवाई: सिविल कोर्ट को बार-बार बम धमकी, अधिवक्ता ने साजिश का लगाया आरोप

पटना/पूर्णिया: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव इन दिनों बेऊर केंद्रीय कारा में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई लगातार टल रही है, क्योंकि पटना सिविल कोर्ट को बार-बार बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। पिछले 24 घंटे के भीतर दो बार कोर्ट को धमकी मिलने से न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।

सूत्रों के अनुसार, बीते चार दिनों में तीन बार ईमेल के जरिए सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। हर बार धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली गई, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया तथा कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित रही। हालांकि तलाशी के दौरान अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

अधिवक्ता ने लगाए गंभीर आरोप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सांसद पप्पू यादव के अधिवक्ता शिव नंदन भारती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार बम की अफवाह फैलाकर न्यायालय की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह सब सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, ताकि सांसद को राहत न मिल सके।

अधिवक्ता ने कहा, “जब भी सुनवाई की तारीख आती है, उसी दिन या उसके आसपास कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल जाती है। इससे सुनवाई टल जाती है। यह महज संयोग नहीं हो सकता।” उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।

स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता

शिव नंदन भारती ने यह भी बताया कि पप्पू यादव का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार सुनवाई टलने और अनिश्चितता की स्थिति के कारण मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है। अधिवक्ता के मुताबिक, यदि कोर्ट की कार्यवाही बिना व्यवधान के चले तो सांसद को कानूनी राहत मिल सकती है।

सोशल मीडिया पर उठा सवाल

इधर, पप्पू यादव के समर्थन में सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट सामने आए हैं। एक पोस्ट में सवाल उठाया गया है—“जब से माननीय सांसद श्री पप्पू यादव जी को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेजा गया है और उनकी सुनवाई होनी है, तब से चार दिन के अंदर तीन बार कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल से पटना पुलिस को मिली है। यह इत्तेफाक है या साजिश?”

पोस्ट में पटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, जबकि एक सांसद की सुरक्षा और गतिविधियों की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है। साथ ही प्रशासन पर जनता की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया गया है और कहा गया है कि सांसद की लड़ाई जारी रहेगी।

पुलिस जांच में जुटी

उधर, पटना पुलिस और साइबर सेल की टीम धमकी भरे ईमेल की जांच में जुटी है। ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रवेश के समय सख्त जांच की जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अगली सुनवाई निर्धारित समय पर हो पाएगी या फिर धमकियों के कारण एक बार फिर कार्यवाही टलेगी। पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

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