Patna के पूर्वी इलाके में पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध नेटवर्क का खुलासा करते हुए नशा, हथियार और वाहन चोरी से जुड़े गिरोह पर कड़ा प्रहार किया है। सुल्तानगंज, मालसलामी और अगमकुआं थाना क्षेत्रों में चलाए गए संयुक्त अभियान में पुलिस ने 10 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अपराधियों के नेटवर्क को लेकर कई नए खुलासे सामने आए हैं।
ई-रिक्शा से चल रहा था नशे का धंधा
सुल्तानगंज थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में ई-रिक्शा के जरिए नशीले इंजेक्शन की अवैध सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गहरुआ टोला के पास घेराबंदी कर ई-रिक्शा को रोका और तलाशी ली।
इस दौरान राहुल कुमार और विक्की कुमार को नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने एक बड़े नेटवर्क की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
मॉल के पास से मिली बड़ी खेप
सूचना के आधार पर पुलिस ने मलेरिया ऑफिस के पास स्थित मॉल 99 के सामने छापेमारी कर सूर्य उर्फ अभिषेक और विशाल को गिरफ्तार किया। इनके पास से भी भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए।
इसके बाद पीरबहोर इलाके में की गई कार्रवाई में अफजल और मोहम्मद राजू को पकड़ा गया। उनके पास से एक पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस, नशीले इंजेक्शन और नकदी बरामद हुई।
भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और सामान बरामद
पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री में शामिल है:
- 340 एविल इंजेक्शन
- 117 बुप्रेनोरफिन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन
- 19 स्मार्टफोन
- 13 कीपैड मोबाइल
- 1 ई-रिक्शा
- ₹29,420 नकद
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह मोबाइल नेटवर्क के जरिए पूरे शहर में नशे का अवैध कारोबार चला रहा था।
चोरी की बाइक और स्कूटी गिरोह का भी खुलासा
इसी अभियान के दौरान अगमकुआं और मालसलामी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए चार और अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 8 चोरी की बाइक और 3 स्कूटी बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अफरीदी, राहुल कुमार, ओम कुमार और छोटू कुमार ठठेरा शामिल हैं।
आपराधिक इतिहास भी सामने आया
जांच में सामने आया कि कई आरोपी पहले से ही आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।
- मोहम्मद अफरीदी के खिलाफ अगमकुआं और आलमगंज थाने में 4 केस दर्ज हैं
- राहुल कुमार का खाजेकला और अगमकुआं में आपराधिक रिकॉर्ड है
- अन्य आरोपी भी पहले से कई मामलों में संदिग्ध रहे हैं
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह नशे और चोरी के वाहनों के जरिए शहर में एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहा था। अब पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़कर अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है और लगातार छापेमारी जारी है।
यह कार्रवाई पटना पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे शहर में चल रहे अवैध नशा कारोबार और वाहन चोरी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।















