पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल अंतर्गत इमामगंज थाना क्षेत्र के मुगीला गांव में शुक्रवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब तीन मासूम बच्चों के कथित अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के कारण तीनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, मुगीला गांव निवासी शंभू बिंद और अरविंद बिंद के तीन बच्चे देर रात घर से बाहर शौच के लिए निकले थे। इसी दौरान बोलेरो गाड़ी में सवार कुछ अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और बच्चों को जबरन वाहन में बैठाकर अरवल की दिशा में फरार हो गए। बच्चों के अचानक गायब होने की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों ने तुरंत खोजबीन शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि उसी समय पटना-अरवल बॉर्डर पर अतौलह गांव के पास किंजर थाना पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। पुलिस चेकिंग देखकर बोलेरो सवार बदमाश घबरा गए और पकड़े जाने के डर से तीनों बच्चों को सड़क किनारे छोड़कर मौके से फरार हो गए।
सड़क किनारे रोते हुए बच्चों को देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इमामगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर परिजनों को सौंप दिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों को संभवतः कोई नशीला पदार्थ खिलाया गया था, क्योंकि तीनों बच्चे बेहोशी और नशे जैसी हालत में पाए गए। इनमें से एक बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बदमाशों ने बच्चों के साथ मारपीट की, जिसके कारण उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मेडिकल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
पालीगंज के एसडीपीओ रोशन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बोलेरो वाहन और फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई, लेकिन इलाके के लोगों में अभी भी डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।















