पटना/जहानाबाद: पटना के गर्ल्स हॉस्टल में हुई होनहार NEET छात्रा की संदिग्ध मौत ने अब संगीन आपराधिक जांच का रूप ले लिया है। केस की कमान संभालते ही CBI ने जांच का दायरा तेज कर दिया है। रविवार को एजेंसी की विशेष टीम जहानाबाद के पतियावां गांव पहुंची और वहां मीडिया की एंट्री पर सख्त रोक लगा दी।
इसके बाद परिजनों से बंद कमरे में लंबी पूछताछ की गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
गोपनीयता पर जोर, हर एंगल से जांच
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कैमरों और लाइव कवरेज पर पाबंदी लगाई है। अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और किसी भी सूचना लीक होने से सबूत प्रभावित हो सकते हैं।
CBI हर एंगल से तफ्तीश कर रही है, ताकि मौत के पीछे छिपे राज़ को सामने लाया जा सके।
तीन अहम बिंदुओं पर फोकस
जांच टीम फिलहाल तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है—
- क्या छात्रा किसी मानसिक दबाव, तनाव या पुराने विवाद से गुजर रही थी?
- पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने के दौरान उसने घर पर क्या जानकारी साझा की थी?
- क्या मौत के पीछे कोई बाहरी दबाव, धमकी या सुनियोजित साजिश थी?
हॉस्टल की छत पर मिली शराब की बोतलों और अन्य संदिग्ध हालात ने पहले ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाई-प्रोफाइल जांच का दायरा
स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच पर उठे सवालों के बाद मामला अब पूरी तरह हाई-प्रोफाइल जांच के दायरे में है। CBI परिजनों के बयान, कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया गतिविधियां और मेडिकल रिपोर्ट्स को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है।
गांव में एजेंसी की मौजूदगी ने माहौल को और गंभीर बना दिया है। लोग दबी जुबान में पूछ रहे हैं—यह महज़ हादसा था या किसी बड़ी साजिश की पटकथा?
फिलहाल CBI ने आधिकारिक रूप से चुप्पी साध रखी है, लेकिन संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में इस केस में अहम खुलासे हो सकते हैं। इंसाफ की राह लंबी जरूर है, मगर अब हर नजर सच के सामने आने पर टिकी है।

















