पटना।
राजधानी पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई के दौरान सोमवार रात हड़कंप मच गया। छापेमारी से घबराकर दो साइबर बदमाशों ने पांचवीं मंज़िल से छलांग लगा दी, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो पतंजलि योगपीठ में इलाज दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
गुप्त सूचना पर आधी रात छापेमारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रामकृष्णा नगर के सन्थुआ इलाके में स्थित अनिल कुमार के मकान में कुछ साइबर अपराधी छिपकर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। सूचना के आधार पर रामकृष्णा नगर थाना की पुलिस टीम सोमवार देर रात मौके पर पहुंची और चारों ओर से मकान को घेर लिया।
बताया जाता है कि मकान मालिक अनिल कुमार और उनकी पत्नी पहली मंज़िल पर रहते हैं, जबकि चौथी और पांचवीं मंज़िल के फ्लैट साइबर अपराधियों ने किराए पर ले रखे थे।
पुलिस देखते ही मची अफरातफरी
जैसे ही पुलिस ने छापेमारी शुरू की, फ्लैट में मौजूद बदमाशों में अफरातफरी मच गई। इसी दौरान दो बदमाश जान बचाने के लिए पांचवीं मंज़िल से नीचे कूद गए। एक बदमाश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
कई गिरफ्तार, ठगी का पूरा नेटवर्क उजागर
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मौके से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खुद को पतंजलि योगपीठ से जुड़ा बताकर गंभीर बीमारियों के इलाज का झांसा देता था और फिर लोगों से मोटी रकम वसूल करता था।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि छापेमारी के दौरान कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान कर ली गई है। फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
रामकृष्णा नगर थाना पुलिस के मुताबिक, मृत और घायल बदमाश की पहचान की जा रही है। पूरे मामले की साइबर सेल और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी का यह नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और अब तक कितने लोगों को इसका शिकार बनाया गया।
इस सनसनीखेज घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस इसे साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बता रही है।


















