झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब रांची पुलिस की एक टीम प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची। हिनू स्थित ED कार्यालय में पुलिस की अचानक मौजूदगी से कुछ समय के लिए कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई। इस घटनाक्रम को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जांच एजेंसियों के बीच बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
ED दफ्तर पर कड़ी सुरक्षा, दो एजेंसियों की मौजूदगी से बढ़ी संवेदनशीलता
पुलिस टीम के पहुंचते ही ED कार्यालय के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कार्यालय के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल (CSF) के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात नजर आए, जबकि भीतर राज्य पुलिस की मौजूदगी देखी गई। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की एक साथ मौजूदगी ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया और माहौल गंभीर हो गया।
क्या है पुलिस कार्रवाई की वजह?
सूत्रों के मुताबिक, रांची पुलिस की यह कार्रवाई झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक कार्यकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई हालिया शिकायत से जुड़ी हुई है। शिकायत का संबंध पेयजल घोटाले के एक अभियुक्त संतोष कुमार से बताया जा रहा है। संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि ED की हिरासत में उसके साथ मारपीट की गई। इन्हीं आरोपों की जांच और तथ्यों की पुष्टि के लिए रांची पुलिस की टीम ED कार्यालय पहुंची है।
एजेंसियों के बीच बढ़ता टकराव
पिछले कुछ समय से झारखंड में केंद्रीय जांच एजेंसियों और राज्य सरकार के बीच तनावपूर्ण रिश्ते देखने को मिल रहे हैं। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ED की लगातार छापेमारी और उसके बाद स्थानीय स्तर पर दर्ज की जा रही शिकायतों और मुकदमों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में राज्य पुलिस का सीधे ED कार्यालय पहुंचना प्रशासनिक और संवैधानिक टकराव की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
स्थिति पर सबकी नजर, आगे क्या होगा?
फिलहाल ED कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर पैदा कर दी है। एक ओर ED पेयजल घोटाले की जांच में जुटी है, तो दूसरी ओर राज्य पुलिस द्वारा ED अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच शुरू करना आने वाले दिनों में बड़े कानूनी और राजनीतिक टकराव की ओर इशारा कर रहा है। अब सबकी नजर दोनों एजेंसियों की अगली कार्रवाई और आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।















