बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की तेजतर्रार नेता और कभी लालू परिवार की करीबी मानी जाने वाली ‘मुखिया दीदी’ Ritu Jaiswal अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने जा रही हैं। उनका यह फैसला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार, 26 मई को पटना स्थित भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में रितु जायसवाल औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेंगी। उनके इस कदम के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से दी जानकारी
Ritu Jaiswal ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा में शामिल होने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोपहर 12:19 बजे से 1:09 बजे के बीच आयोजित कार्यक्रम में वह “सादगीपूर्ण एवं गरिमामय तरीके” से भाजपा में शामिल होंगी।
अपने संदेश में उन्होंने समर्थकों से अपील की कि कार्यक्रम में अनावश्यक भीड़ और लंबे काफिलों से बचें। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ऊर्जा और ईंधन बचत पर दिए जा रहे जोर का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति उनके लिए “सेवा, जिम्मेदारी और विचार का माध्यम” है, न कि शक्ति प्रदर्शन का।
उन्होंने समर्थकों से सार्वजनिक परिवहन या शेयरिंग वाहन के इस्तेमाल की अपील भी की।
जदयू से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
Ritu Jaiswal का राजनीतिक सफर जनता दल यूनाइटेड (JDU) से शुरू हुआ था। बाद में वह राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुईं और जल्द ही पार्टी की सक्रिय महिला नेताओं में गिनी जाने लगीं।
राजद में उन्हें महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। वर्ष 2021 से 2023 के बीच वह टीवी डिबेट्स और राजनीतिक मंचों पर राजद का मुखर पक्ष रखने वाली प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहीं।
चुनावी राजनीति में मजबूत पकड़
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने परिहार सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि बेहद कम अंतर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद Lalu Prasad Yadav और Tejashwi Yadav का भरोसा उन पर बना रहा।
इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने जदयू की उम्मीदवार Lovely Anand को कड़ी टक्कर दी। रितु जायसवाल करीब 4.47 लाख वोट हासिल करने में सफल रहीं, हालांकि लगभग 29 हजार वोटों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
टिकट कटने के बाद बढ़ी नाराजगी
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट कटना रितु जायसवाल और राजद नेतृत्व के बीच दूरी की सबसे बड़ी वजह बना। पार्टी ने इस सीट से वरिष्ठ नेता Ram Chandra Purve की बहू को उम्मीदवार बनाया।
इस फैसले से नाराज होकर रितु जायसवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राजद को सीधा नुकसान हुआ और पार्टी सीट गंवा बैठी।
इसके बाद पार्टी नेतृत्व और रितु जायसवाल के बीच रिश्ते और खराब हो गए तथा अंततः उन्हें राजद से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
भाजपा को मिल सकता है मिथिलांचल में फायदा
अब भाजपा में शामिल होने जा रहीं Ritu Jaiswal का यह कदम राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मिथिलांचल क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ और महिला मतदाताओं के बीच मजबूत पहचान भाजपा को फायदा पहुंचा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह बदलाव न सिर्फ राजद के लिए बड़ा झटका है, बल्कि भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त भी साबित हो सकता है।















