बिहार विधानसभा चुनाव समापन के तुरंत बाद RJD के लिए बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू-तेजस्वी परिवार के करीबी माने जाने वाले अमित कत्याल को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 300 करोड़ रुपये से अधिक के कथित मनी लॉन्ड्रिंग और रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े मामले में की गई है।
🔍 मामला क्या है?
जांच एजेंसियों के अनुसार, अमित कत्याल M/s Angle Infrastructure Pvt. Ltd. से जुड़े एक बड़े रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी है। इससे पहले भी वह इस केस में गिरफ्तार हो चुका है।
जिस केस में इस बार गिरफ्तारी हुई है, वह मूल रूप से दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज किया गया था। बाद में ED ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपने हाथ में लिया और कार्रवाई आगे बढ़ाई।
🔎 Krrish Florence Estate (Gurugram) परियोजना में गंभीर आरोप
तफ्तीश में ED को पता चला कि—
गुरुग्राम सेक्टर-70 की यह परियोजना सरकारी कर्मचारियों के लिए थी।
आरोप है कि खरीदारों ने लाखों-करोड़ों रुपये जमा किए, लेकिन फ्लैट नहीं मिले।
जांच में यह भी मिला कि अनुमोदन मिलने से पहले ही कत्याल ने कथित तौर पर फर्जी बुकिंग्स के जरिए पैसा जुटाना शुरू कर दिया।
🔗 लालू–तेजस्वी परिवार से जोड़
सूत्रों का दावा है कि दिल्ली में तेजस्वी यादव जिस कोठी में ठहरते हैं, उसका लिंक भी कत्याल से जुड़ा पाया गया।
साथ ही ED के अनुसार लैंड फॉर जॉब मामले में भी अमित कत्याल का नाम पहले सामने आया था।
इन वजहों से इसे RJD और तेजस्वी यादव के लिए चुनाव के बाद का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।


















