बिहार में अपराधियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। गृहमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा अपराधियों के खात्मे के दावों के बावजूद आम लोगों का भरोसा अब डगमगाने लगा है। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के बिथान थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां सोमवार देर रात हुई एक शर्मनाक वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
बिथान थाना क्षेत्र के सोहमा गांव में अज्ञात अपराधियों ने स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक ललित साह की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक ललित साह, रामविलास साह के पुत्र थे और अपने गांव में एक ईमानदार व समर्पित चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। उनकी हत्या से न सिर्फ गांव में मातम पसरा है, बल्कि लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात ललित साह मंदिर ढाला की ओर से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में अंधेरे का फायदा उठाते हुए पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और बेहद नजदीक से सीधे सिर में गोली मार दी। गोली की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। गोली लगते ही ललित साह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से इंकार कर दिया और मांग की कि वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का जायजा लें। सूचना मिलते ही बिथान थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध और गुस्से का सामना करना पड़ा। काफी देर तक गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि ललित साह अपने काम के प्रति बेहद ईमानदार और सेवा भाव से जुड़े हुए थे। वे गरीबों का इलाज कम खर्च में करते थे और गांव के लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे। उनका इस तरह हत्या कर दिया जाना गांव के लिए अपूरणीय क्षति है। ग्रामीणों ने इस वारदात को कानून-व्यवस्था की खुली चुनौती बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है और सभी संभावित एंगल—आपसी रंजिश, पेशे से जुड़ा विवाद या अन्य कारण—को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आसपास के इलाकों में छापेमारी भी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। दिन हो या रात, अपराधी बेखौफ होकर हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, जबकि आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सोहमा गांव की यह वारदात न सिर्फ एक चिकित्सक की हत्या है, बल्कि यह राज्य में आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान भी है।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इस जघन्य हत्या का जल्द से जल्द खुलासा हो और दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा मिले, ताकि लोगों का टूटता भरोसा दोबारा बहाल हो सके।

















