भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से में धंसाव की घटना के बाद राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात करीब 12:35 बजे पुल के एक स्पैन में धंसाव की सूचना मिली। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुल को खाली कराया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने इस त्वरित कार्रवाई को राहत भरा कदम बताया है।
अध्यक्ष ने कहा कि यह पुल वर्ष 2001 में बनाया गया था और अब इसकी उम्र काफी हो चुकी है। घटना के बाद संबंधित कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, पुल की स्थिति को लेकर पहले ही डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर भेजी जा चुकी थी और इंजीनियरों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए IIT पटना की विशेषज्ञ टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम पुल की तकनीकी स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल पुल पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में श्री कृष्ण सिंह सेतु के जरिए डायवर्ट किया गया है। प्रशासन छोटे वाहनों के लिए नाव और स्टीमर सेवा शुरू करने की भी तैयारी कर रहा है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री से इस मामले में बातचीत की है और जरूरत पड़ने पर सेना की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि एक नया चार लेन पुल पहले से निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने के बाद इस तरह की समस्याओं का स्थायी समाधान मिल सकेगा। फिलहाल प्रशासन ने तीन महीने के भीतर क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा है।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें।















