बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम सामने आ चुके हैं और एनडीए ने प्रचंड बहुमत के साथ एक बार फिर सत्ता में वापसी कर ली है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव आखिर हैं कहां?
रिजल्ट आने के बाद 12 घंटे बीत जाने के बावजूद तेजस्वी की ओर से न कोई आधिकारिक बयान आया और न ही सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया—जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं ने जन्म ले लिया है।
मतगणना से पहले दावे और तेजस्वी का आत्मविश्वास
वोटों की गिनती शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही तेजस्वी यादव बेहद आत्मविश्वास से भरे दिखाई दे रहे थे।
13 नवंबर की देर रात उन्होंने महागठबंधन के शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई, जिसके बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।
तेजस्वी ने दोबारा दावा किया—
“हम प्रचंड बहुमत से सरकार बना रहे हैं”
“14 को जीत और 18 को शपथ”
लेकिन मतगणना शुरू होते ही तस्वीर पूरी तरह बदलने लगी।
सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना और बदलता राजनीतिक समीकरण
14 नवंबर की सुबह 8 बजे जैसे ही मतगणना शुरू हुई, शुरुआती रुझान से ही स्पष्ट था कि एनडीए आराम से बहुमत की ओर बढ़ रहा है।
इस बीच तेजस्वी यादव अपनी बहन मीसा भारती के साथ राबड़ी आवास से बाहर निकले और 1 पोलो रोड पहुंचे। वहीं से वह देर शाम तक लौटे, लेकिन उनके लौटने तक राजनीतिक समीकरण पूरी तरह पलट चुका था।
बीजेपी – 89 सीटें
जेडीयू – 85 सीटें
लोजपा (रा) – 19 सीटें
हम – 5 सीटें
रालोमा – 4 सीटें
एनडीए ने 200 से ज्यादा सीटें हासिल कर डबल सेंचुरी पूरी कर ली।
वहीं महागठबंधन महज 34 सीटों पर सिमट गया, जिसमें राजद को केवल 25 सीटें मिलीं।
तेजस्वी यादव—अपनी सीट जीते, पर प्रतिक्रिया नहीं दी
तेजस्वी यादव अपनी सीट राघोपुर से कई राउंड पीछे चलने के बाद आखिरकार 14,532 वोटों से जीत दर्ज करने में सफल रहे।
यह उनकी लगातार तीसरी जीत थी।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि—
उन्होंने राघोपुर की जनता का धन्यवाद तक नहीं किया
कोई प्रेस ब्रीफिंग नहीं की
सोशल मीडिया पर एक भी पोस्ट नहीं किया
राजद का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट भी रिजल्ट के बाद से पूरी तरह खामोश है।
क्या तेजस्वी ‘कोप भवन’ में हैं?
तेजस्वी की खामोशी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या वे हार से आहत होकर कोप भवन चले गए हैं?
क्या वे इस हार पर आत्ममंथन कर रहे हैं?
क्या वे किसी रणनीतिक प्रतिक्रिया की तैयारी कर रहे हैं?
या फिर गड़बड़ी के आरोपों के लिए कोई आधार तलाश रहे हैं?
कई राजनीतिक जानकारों का कहना है कि तेजस्वी यादव ने पहले ही “गड़बड़ी”, “धांधली” जैसे दावे करके एक धारणा बना दी थी कि अगर महागठबंधन हारेगा तो वे सिस्टम को दोष दे सकें।
लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने कोई आरोप भी नहीं लगाया—जो अपने आप में चौंकाने वाली बात है।
राहुल गांधी ने दिया बयान, लेकिन तेजस्वी अब भी चुप
महागठबंधन की ओर से केवल राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा—
“हम ऐसे चुनाव में हार गए जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था। लेकिन हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।”
लेकिन राजद और तेजस्वी यादव की ओर से आज तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
राबड़ी आवास के बाहर भी सन्नाटा पसरा है।
तेजस्वी की आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट 13 नवंबर की
तेजस्वी यादव की अंतिम पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि—
“बिहार की जनता लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए तैयार है और हर अनुचित कार्य का मुकाबला करेगी।”
लेकिन 14 नवंबर को रिजल्ट आने के बाद से उनके सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शांत हैं।
एनडीए सरकार गठन की तैयारियाँ तेज, और नजरें तेजस्वी पर
एनडीए ने सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही शपथ ग्रहण की तारीख तय होगी।
लेकिन इस राजनीतिक हलचल के बीच पूरे बिहार की निगाहें अब भी तेजस्वी यादव की ओर टिकी हैं—
वे कब सामने आएंगे?
क्या कहेंगे?
हार कबूल करेंगे या किसी पर ठीकरा फोड़ेंगे?
इन सवालों के जवाब का इंतज़ार अब भी जारी है।

















