अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आठ बड़े अंतरराष्ट्रीय शांति समझौतों को अंजाम दिया था, जिनमें “भारत और पाकिस्तान भी शामिल थे।” उन्होंने यह बात कारोबारी और समाजसेवी विशाल ममदानी के साथ एक मुलाकात के दौरान कही। ट्रम्प पहले भी कई बार ऐसे दावे कर चुके हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच किसी औपचारिक शांति समझौते का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
मुलाकात में क्या कहा ट्रम्प ने?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ममदानी से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा:
“मैंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में आठ देशों के बीच शांति समझौते कराए। भारत और पाकिस्तान के बीच भी हमारे प्रयासों से बड़ा तनाव कम हुआ था।”
ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में अब्राहम समझौते (Abraham Accords) को बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि उनका नेतृत्व जारी रहता तो दुनिया में और भी “ऐतिहासिक शांति परिवर्तन” देखने को मिलते।
भारत-पाकिस्तान पर ट्रम्प का पुराना रुख
ट्रम्प इससे पहले भी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने मध्यस्थता की पेशकश की थी। भारत सरकार ने उस समय स्पष्ट किया था कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है और किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि ट्रम्प ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में कई बार कहा कि उनके हस्तक्षेप के कारण भारत-पाक के बीच तनाव कम हुआ था, लेकिन किसी औपचारिक शांति समझौते का कोई प्रमाण नहीं है।
ममदानी और ट्रम्प की मुलाकात क्यों चर्चा में?
विशाल ममदानी, जो वित्तीय और परोपकारी क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम हैं, ने ट्रम्प से मुलाकात के बाद बातचीत की कुछ जानकारी सार्वजनिक की। इसी बातचीत के दौरान ट्रम्प ने फिर से कई वैश्विक मामलों पर अपनी उपलब्धियों का दावा किया, जिनमें “आठ शांति समझौते” भी शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रम्प अपनी चुनावी रैलियों और मुलाकातों में विदेश नीति को अपनी सबसे बड़ी ताकत के रूप में पेश करते रहे हैं, इसलिए यह बयान उसी क्रम की एक कड़ी है।
भारत-पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
भारत और पाकिस्तान की ओर से इस नए दावे पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण हैं और किसी भी तरह की शांति प्रक्रिया काफी समय से ठप पड़ी है।


















