पीड़िता के माता-पिता और अन्य परिजन वहां पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और कहा गया कि अंजली को आलोक कुमार की दूसरी पत्नी बनकर ही रहना होगा। पीड़िता के पिता का आरोप है कि इस दौरान उनसे सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
इसके बाद आरोपियों ने अंजली, उसके माता-पिता और साथ गए लोगों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि उन्हें यह कहकर धमकाया गया कि “जो करना है कर लो।”
परिजनों ने बताया कि बाद में जानकारी मिली कि आलोक कुमार ने 16 अप्रैल 2025 को ही सहरसा स्थित बुन्देश्वर मंदिर में लक्ष्मी देवी से शादी कर ली थी, जिसकी जानकारी छुपाकर दूसरी शादी की गई।
इस पूरे मामले में पहली पत्नी लक्ष्मी देवी का कहना है कि उसे दूसरी शादी से कोई आपत्ति नहीं है और दोनों महिलाएं एक साथ रह सकती हैं। हालांकि पीड़िता और उसके परिवार ने इसे धोखा और गंभीर अपराध बताया है।
कटिहार सहायक थाना की पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, ठगी और दहेज उत्पीड़न से जुड़े आरोपों में केस दर्ज कर लिया है और आरोपी पति आलोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और यह मामला शादी के नाम पर धोखाधड़ी और सामाजिक अपराध का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।















