पटना।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन मंगलवार को पहली बार पटना पहुंच रहे हैं। उनके इस पहले पटना दौरे को लेकर राजधानी का सियासी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। पार्टी संगठन ने उनके स्वागत के लिए व्यापक और भव्य तैयारियां की हैं, जिसे बिहार भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
नितिन नवीन के पटना पहुंचते ही जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। एयरपोर्ट से निकलते ही नितिन नवीन का काफिला एक विशाल रोड शो के रूप में शहर की सड़कों से गुजरेगा।
यह रोड शो पटना एयरपोर्ट से शुरू होकर मिलर हाई स्कूल मैदान और उसके बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय तक जाएगा। रोड शो के दौरान हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भगवा झंडों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। ढोल-नगाड़े, जयकारे और नारों के बीच नितिन नवीन का काफिला राजधानी की प्रमुख सड़कों से गुजरेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह रोड शो सिर्फ एक स्वागत कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता, ताकत और जोश का खुला प्रदर्शन होगा।
मिलर हाई स्कूल मैदान में भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया है। यहां एक विशाल मंच तैयार किया गया है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीरें लगाई गई हैं। मंच के केंद्र में नितिन नवीन का औपचारिक अभिनंदन किया जाएगा। प्रदेश भर से आए भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पहले उनका स्वागत होगा, इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने विचार रखेंगे और अंत में नितिन नवीन स्वयं कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मिलर हाई स्कूल मैदान और रोड शो के पूरे रूट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश से पहले जांच की व्यवस्था की गई है, वहीं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
कुल मिलाकर, नितिन नवीन का यह पहला पटना दौरा भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती और सियासी संदेश दोनों लेकर आ रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह दौरा न सिर्फ पटना बल्कि पूरे बिहार की राजनीति में एक अहम संकेत देने वाला माना जा रहा है।

















