सासाराम जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र अंतर्गत जिगना गांव में बिजली विभाग की जांच के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने विभाग के कनीय अभियंता और एक कर्मी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में कनीय अभियंता विजय शंकर और लाइनमैन जितेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को आनन-फानन में सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की टीम जिगना गांव में एक आटा चक्की की नियमित जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान किसी बात को लेकर ग्रामीणों और बिजली कर्मियों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे दोनों कर्मी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला इतना अचानक और उग्र था कि बिजली विभाग के कर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मारपीट के बाद किसी तरह अपनी जान बचाकर दोनों घायल कर्मी मौके से निकले और सीधे सदर अस्पताल पहुंचे। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही शिवसागर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से आवेदन मिलने के बाद आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान बिजली चोरी या अन्य अनियमितताओं को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई।
इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर इस तरह का हमला बेहद निंदनीय है और इससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। विभाग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती नजर आ रही है।















