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समस्तीपुर में SP की सख्ती: 90 से अधिक पुलिसकर्मियों का वेतन रोका, क्राइम मीटिंग में बड़ा एक्शन

समस्तीपुर जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। इस फैसले से पूरे जिले के पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।

क्राइम मीटिंग में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने वर्ष 2025 की वार्षिक अपराध रिपोर्ट, पुलिस की उपलब्धियों और कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। बैठक में अपराध नियंत्रण की स्थिति, लंबित कांडों की प्रगति, वारंट और समन के निष्पादन, गिरफ्तारी की स्थिति तथा हाल की प्रमुख आपराधिक घटनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई थानों और पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई में गंभीर शिथिलता बरती जा रही है। कई मामलों में न तो समय पर अनुसंधान पूरा किया गया और न ही आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। इसी लापरवाही को देखते हुए एसपी ने 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने का सख्त आदेश दिया।

बैठक में जहरीली शराब मामले को लेकर मुसरीघरारी थानाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई गई, वहीं ताजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस पिटाई से जुड़े मामले में ताजपुर थाना अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए। एसपी ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि किसी भी आपराधिक घटना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मी की उदासीनता या लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, अनुसंधान और गिरफ्तारी जैसे अहम मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अपराध नियंत्रण में अब तक हुई सकारात्मक प्रगति को और मजबूत करने तथा आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए।

एसपी की इस कड़ी कार्रवाई और चेतावनी के बाद समस्तीपुर पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर गंभीर संदेश गया है। साफ संकेत है कि जिले में अपराध पर पैनी नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने को लेकर एसपी की सख्ती ने जिले के पुलिस अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

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