पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। जन सुराज पार्टी में सक्रिय और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.सी.पी. सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
आर.सी.पी. सिंह ने खुलकर कहा कि “हम दोनों का कभी भी अलग रास्ता नहीं था। हम दोनों हमेशा एक ही थे। जितना हम नीतीश कुमार को जानते हैं, उतना शायद कोई नहीं जानता। पिछले 25 सालों से हम साथ रहे हैं।” उनके इस बयान में न सिर्फ एक लंबे राजनीतिक रिश्ते की झलक दिखाई दी, बल्कि नीतीश कुमार के साथ उनके साझा अनुभवों और गहरी समझ का भी संकेत मिला।
आर.सी.पी. सिंह के शब्दों से साफ झलकता है कि उनका और नीतीश कुमार का संबंध केवल राजनीतिक गठबंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्षों की साझेदारी और भरोसे पर आधारित रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समय और परिस्थितियों ने हमेशा उनके रिश्ते को मजबूत किया है और यह रिश्ता राजनीतिक उतार-चढ़ाव से ऊपर रहा है।
जब उनसे खरमास के बाद JDU में वापसी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब देने से बचते हुए मुस्कुराकर कहा, “आने वाले समय में पता चल जाएगा।” उनके इस जवाब ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। माना जा रहा है कि यह बयान न तो पूरी तरह से वापसी का संकेत है और न ही इससे इनकार, बल्कि भविष्य के लिए दरवाज़ा खुला छोड़ने जैसा है।
आर.सी.पी. सिंह की राजनीतिक शैली हमेशा स्पष्ट और संतुलित मानी जाती रही है। ऐसे में जन सुराज पार्टी में सक्रिय रहने के बावजूद नीतीश कुमार को लेकर उनका यह बयान कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे JDU और जन सुराज, दोनों ही दलों के समर्थकों में उत्सुकता बढ़ी है।
बिहार की राजनीति में आर.सी.पी. सिंह का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। उनके बयान से यह संदेश जरूर गया है कि नीतीश कुमार के प्रति उनकी समझ और साझेदारी केवल सियासी बयानबाज़ी नहीं, बल्कि वर्षों के अनुभव और विश्वास पर आधारित है।
फिलहाल, आर.सी.पी. सिंह के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नए कयासों को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह सिर्फ एक भावनात्मक बयान था या फिर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की भूमिका।















