बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। जिला स्तर पर एमआईटी, आरडीएस कॉलेज और जिला स्कूल में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए डिस्पैच सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ईवीएम, वीवीपैट और अन्य मतदान सामग्री का सुरक्षित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को निर्धारित है। इससे एक दिन पहले, यानी 5 नवंबर को मतदान दल, पदाधिकारी और सुरक्षा बल मतदान सामग्री लेकर अपने-अपने बूथों के लिए रवाना होंगे।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना सुरक्षा बल की उपस्थिति के किसी भी मतदान दल को ईवीएम या वीवीपैट नहीं दिया जाएगा। इस नियम का पालन कराना काउंटर पर तैनात पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
डिस्पैच सेंटर पर तैनात पीठासीन पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान सामग्री केवल उसी समय दी जाए जब दल के साथ सुरक्षा बल मौजूद हों। सामग्री प्राप्त करने के बाद मतदान दल को पावती प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। साथ ही वितरण रजिस्टर निरंतर अपडेट किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संशय की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रत्येक डिस्पैच सेंटर पर 20-20 काउंटर बनाए गए हैं, और आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त हेल्पलाइन, सूचना सामग्री, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
भीड़ नियंत्रण के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बलों की तैनाती की जा रही है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट का निर्माण किया जा रहा है।
साथ ही, सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे डिस्पैच सेंटर पर एम्बुलेंस, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराएँ ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।
इन सभी तैयारियों का उद्देश्य है कि मतदान प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
✍️ संवाददाता – अजय शास्त्री

















