बांका।
बिहार में अपराधियों के हौसले एक बार फिर कानून को खुली चुनौती देते नजर आए हैं। बांका जिले के अमरपुर बस स्टैंड इलाके से लापता हुए एक युवक की अपहरण के बाद हत्या कर शव ठिकाने लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार की सुबह जैसे ही शव बरामद होने की सूचना मिली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लौगाय गांव के खिरखिरिया बहियार स्थित बमबम कुंवर के बगीचे से युवक का शव बरामद किया गया।
मृतक की पहचान बल्लिकित्ता गांव निवासी 25 वर्षीय राकेश कुमार शर्मा, पिता देवेंद्र शर्मा, के रूप में हुई है। राकेश गुरुवार की संध्या अमरपुर बस स्टैंड स्थित कोलकाता मार्ट के पास से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों का आरोप है कि चार से पांच अज्ञात बदमाशों ने उसे जबरन उठा लिया था।
परिजनों के अनुसार, राकेश गांव में रहकर ट्रैक्टर चलाता था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही राकेश के भाई धीरज कुमार शर्मा, जो दिल्ली में रहते हैं, ने ऑनलाइन आवेदन के जरिए पुलिस को अपहरण की सूचना दी। इसके बाद एसडीपीओ अमर विश्वास के नेतृत्व में पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की। साइबर थाना की टीम और स्थानीय पुलिस लगातार छापेमारी में जुटी रही, लेकिन तब तक अपराधी अपनी साजिश को अंजाम दे चुके थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरुवार की शाम करीब 5:58 बजे राकेश अपनी बाइक से कोलकाता मार्ट के बेसमेंट स्थित ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचा था। बाइक खड़ी कर वह बाहर निकला, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। करीब दो घंटे बाद, रात करीब 8 बजे, राकेश के मोबाइल से एक कॉल आई, जिसमें उसने तत्काल 30 हजार रुपये की जरूरत बताते हुए चिरैया आने को कहा। यह कॉल अब पुलिस जांच का सबसे अहम सुराग बन गई है। ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक राहुल कुमार ने भी इस बातचीत की पुष्टि की है।
शनिवार की सुबह संदिग्धों की निशानदेही पर पुलिस ने खिरखिरिया बहियार स्थित बगीचे से राकेश का शव बरामद किया। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष पंकज झा के नेतृत्व में मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है।
दिनदहाड़े अपहरण और फिर निर्मम हत्या की इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके से युवक को कैसे उठा लिया गया। वहीं, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि 30 हजार रुपये की कॉल के पीछे क्या राज था, क्या मामला लूट, उगाही या किसी पुराने विवाद से जुड़ा है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे कांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, इस जघन्य हत्या ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।















