बिहार सहित देश के कई राज्यों में फर्जी राशन कार्डधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बिहार के बक्सर जिले में करीब 12 हजार से अधिक अपात्र राशन कार्डधारकों को चिह्नित किया गया है, जिनके कार्ड रद्द किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, जिले के एक अनुमंडल क्षेत्र के सात प्रखंडों में बड़ी संख्या में संदिग्ध राशन कार्ड सामने आए हैं। यह कार्रवाई खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, पटना द्वारा उपलब्ध कराए गए फेज-2 संदिग्ध राशन कार्ड डाटा के आधार पर की जा रही है।
डाटा विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध होते ही अनुमंडल प्रशासन हरकत में आ गया। अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राशन कार्ड की पात्रता की जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन सौंपें।
जारी आंकड़ों के अनुसार,
- सिमरी प्रखंड में सर्वाधिक 3862 संदिग्ध राशन कार्ड पाए गए हैं।
- ब्रह्मपुर में 2611,
- डुमरांव प्रखंड में 2200,
- नावानगर में 1807,
- चौंगाई में 630,
- केसठ में 470,
- चक्की में 408,
- जबकि डुमरांव नगर क्षेत्र में 337 राशन कार्ड संदेह के दायरे में हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध राशन कार्डधारकों को पीडीएस दुकानदारों के माध्यम से सूचना दी जा रही है, ताकि वे समय रहते अपना पक्ष रख सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र लाभार्थी गलती से सूची में शामिल हो गया है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है।
ऐसे लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी या आपूर्ति निरीक्षक के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अयोग्य पाए जाने वाले राशन कार्ड रद्द होंगे, जबकि पात्र लोगों के कार्ड सुरक्षित रहेंगे।
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य जन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना है।

















