नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 के सियासी मंच से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकसित भारत के ख्वाब को ज़मीन पर उतारने का रोडमैप पेश किया। बजट भाषण में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक मजबूती और रणनीतिक आत्मनिर्भरता है। महिला सशक्तिकरण से लेकर पूंजी बाजार, स्वास्थ्य, पर्यटन और हाई-टेक उद्योग तक हर मोर्चे पर सरकार की मंशा खुले तौर पर दिखी।

महिला सशक्तिकरण और बिहार में बड़ी सौगात
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि देश के हर ज़िले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा। यह कदम महिला शिक्षा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि बेटियों की पढ़ाई और तरक्की के रास्ते में अब कोई रुकावट नहीं, सिर्फ़ रफ्तार होगी। नीट छात्रा की दुखद मौत के बाद बिहार सरकार की आलोचना के बीच यह कदम और भी संवेदनशील और रणनीतिक रूप में देखा जा रहा है।
कॉरपोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को मजबूती
आर्थिक मोर्चे पर वित्त मंत्री ने कॉरपोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड बाज़ार को मजबूत करने की दिशा में कई प्रस्ताव रखे। विदेशी निवेश को भारत की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं से जोड़ने के लिए
- मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क,
- कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स फंड और डेरिवेटिव्स तक पहुंच, और
- कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप
जैसी योजनाओं का एलान किया गया। बड़े शहरों में उच्च मूल्य वाले म्युनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा देकर शहरी बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना भी सरकार की सियासी रणनीति में शामिल है।
पर्यटन और रोजगार
वित्त मंत्री ने पर्यटन और रोजगार को जोड़ते हुए 10 हजार पर्यटन गाइड्स को हुनरमंद बनाने के लिए पायलट स्कीम की घोषणा की। 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 हफ्ते की हाइब्रिड ट्रेनिंग दी जाएगी, वह भी प्रबंधन संस्थानों के सहयोग से। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार की नई राह दिखाना और पर्यटन क्षेत्र को मजबूती देना है।

स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा
स्वास्थ्य क्षेत्र में वित्त मंत्री ने तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, आयुष फार्मेसी का सशक्तिकरण और उच्च गुणवत्ता वाली टेस्टिंग लैब के निर्माण की घोषणा की। यह कदम भारत की पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
रणनीतिक उद्योग और सेमीकंडक्टर मिशन
रणनीतिक उद्योगों में सरकार का दांव और गहरा हुआ। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हज़ार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया। वित्त मंत्री ने घरेलू कैपिटल-गुड्स और स्वतंत्र सप्लाई चेन पर जोर दिया। ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को दुर्लभ पृथ्वी संसाधनों की रणनीति में अहम कड़ी बताया गया।
सेवा क्षेत्र और कुशल पेशेवर
सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक की कड़ी जोड़ने वाली उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति (AHP संस्थान) की स्थापना और पांच साल में एक लाख कुशल पेशेवर जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। ये सभी कदम 2047 तक भारत को वैश्विक सेवा शक्ति बनाने की सियासी घोषणा के रूप में देखे जा रहे हैं।
बजट 2026 का यह भाषण केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, युवाओं का रोजगार, रणनीतिक उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की मंशा का स्पष्ट संदेश देता है। बिहार से लेकर पूरे देश के विकास के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने सामाजिक और आर्थिक संतुलन को प्राथमिकता दी है।















