हाजीपुर: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और राजनीति का संगम हाजीपुर की धरती पर देखने को मिला। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने प्रसिद्ध बाबा पातालेश्वर नाथ मंदिर से भगवान शिव की भव्य बारात निकाली और इसे सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा, “महादेव के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार होगा और भारत विश्व गुरु के रूप में उभरेगा।”
35-40 वर्षों से निभा रहे परंपरा
हाजीपुर की यह शिव बारात बिहार की सबसे पुरानी और विशाल धार्मिक परंपराओं में शुमार मानी जाती है। नित्यानंद राय पिछले करीब 35-40 वर्षों से इस परंपरा को निभा रहे हैं। छात्र जीवन से शुरू हुई यह आस्था आज भी उतनी ही जीवंत है।
वे स्वयं बैलगाड़ी हांककर शिव बारात के ‘सारथी’ बनते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है।
विधि-विधान से पूजा, फिर निकली भव्य शोभायात्रा
बारात से पूर्व उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक और विशेष आरती की। इसके बाद भव्य शोभायात्रा निकली, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
‘भूत-प्रेत’ की टोलियाँ, रंग-बिरंगी झांकियाँ, बैंड-बाजे और धार्मिक प्रतीकों से सजी झलकियों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया। पूरा हाजीपुर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
आस्था के साथ सियासी संदेश
अपने संबोधन में नित्यानंद राय ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही उसकी असली ताकत है और यही शक्ति देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी।
महाशिवरात्रि के इस अवसर पर हाजीपुर से निकला यह संदेश केवल धार्मिक नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि का प्रतीक बनकर उभरा है—जहां आस्था, परंपरा और सियासी संदेश तीनों का संगम साफ दिखाई दिया।















