अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान इस डर से ठीक से सो नहीं पाते कि कहीं आपका स्टेशन छूट न जाए, तो अब राहत की खबर है। Indian Railways ने यात्रियों की इस पुरानी समस्या का समाधान निकाल लिया है। रेलवे ने ‘डेस्टिनेशन अलर्ट’ नाम की एक खास सुविधा शुरू की है, जिसके तहत आपके गंतव्य स्टेशन से करीब 20 मिनट पहले मोबाइल पर ‘वेक-अप कॉल’ या अलर्ट भेजा जाएगा।
यह सेवा खास तौर पर रात 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए तैयार की गई है। फिलहाल यह सुविधा कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों में उपलब्ध कराई गई है और धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जा सकता है।
कैसे काम करती है यह सुविधा?
इस सुविधा के तहत यात्री को अपने गंतव्य स्टेशन की जानकारी सिस्टम में दर्ज करनी होती है। जैसे ही ट्रेन स्टेशन के करीब पहुंचती है, करीब 20 मिनट पहले यात्री के मोबाइल पर कॉल या अलर्ट भेज दिया जाता है। इससे यात्री समय रहते जाग सकता है और उतरने की तैयारी कर सकता है।
कितना लगेगा शुल्क?
रेलवे की यह सेवा बेहद किफायती रखी गई है:
- कॉल के जरिए सेवा सक्रिय करने पर
- मेट्रो शहरों से: ₹1.20 प्रति मिनट
- नॉन-मेट्रो शहरों से: ₹2 प्रति मिनट
- एसएमएस अलर्ट सेवा के लिए केवल ₹3 का शुल्क तय किया गया है।
रात में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) की यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जा रही है।
क्या है इसकी खासियत?
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीक टाइमिंग है। गंतव्य स्टेशन आने से लगभग 20 मिनट पहले वेक-अप अलार्म बजता है। यह समय इतना पर्याप्त होता है कि यात्री आराम से उठकर अपना सामान समेट सके और बिना हड़बड़ी के उतरने की तैयारी कर सके।
यात्रियों को होगा बड़ा फायदा
इस सुविधा से रात में स्टेशन छूट जाने, जल्दबाजी में सामान भूल जाने या अनजान स्टेशन पर उतरने जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और अकेले यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा बेहद मददगार साबित हो सकती है।
रेलवे का यह कदम डिजिटल सुविधाओं के जरिए यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
अब ट्रेन में सफर के दौरान बेफिक्र होकर नींद का मजा लिया जा सकता है — स्टेशन आने से पहले मोबाइल खुद जगा देगा।


















