बिहार सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए ऐतिहासिक कदम की बेगूसराय जिले में व्यापक सराहना हो रही है। जिले के सभी 18 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।

जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई
सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया जुलाई 2026 से प्रारंभ की जाएगी। बेगूसराय, बरौनी, भगवानपुर और चेरिया बरियारपुर प्रखंडों में पहले से ही डिग्री कॉलेज संचालित हैं। शेष प्रखंडों में भी जुलाई से नामांकन शुरू हो जाएगा।
बलिया और बखरी में डिग्री कॉलेज के भवन बनकर तैयार हैं, जबकि शामहो प्रखंड में भवन निर्माण कार्य जारी है। अन्य चिन्हित प्रखंडों में ऐसे विद्यालयों का चयन किया जा रहा है, जहां पहले से 10 कमरों का अतिरिक्त भवन उपलब्ध है।
मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए माध्यमिक डीपीओ खुशबू को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि नामांकन और संचालन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सात निश्चय-3 के तहत बड़ी पहल
राज्य सरकार की ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत बिहार के सभी प्रखंडों में जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा सुलभ होगी और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।
बेटियों को मिलेगा विशेष लाभ
स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से छात्राओं को दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे शिक्षा में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और सुरक्षा व परिवहन खर्च की चिंता भी कम होगी।
विज्ञान, कला, वाणिज्य के साथ वोकेशनल कोर्स
नए डिग्री कॉलेजों में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के साथ-साथ रोजगारपरक वोकेशनल कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें।
क्या बोले अधिकारी और शिक्षाविद
जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि डिग्री कॉलेज खुलने से छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में काफी सहूलियत मिलेगी।
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने इसे राज्य सरकार की बेहतरीन पहल बताया।
एसएनआर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य अशोक कुमार ने कहा कि इस निर्णय से बढ़ती छात्र संख्या को लाभ मिलेगा और छात्र अपने ही प्रखंड में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
डॉ. मुरारी मोहन ने कहा कि वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा तथा खर्च में भी कमी आएगी।
वहीं छात्रों ने खुशी जताते हुए कहा कि अब आर्थिक बोझ कम होगा और अपने प्रखंड में ही स्नातक की पढ़ाई कर सकेंगे।

यह कदम बेगूसराय जिले के शिक्षा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव साबित होगा और ग्रामीण युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेगा।















