बिहार विधान मंडल में गुरुवार को शराबबंदी को लेकर सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया, जब सुनील कुमार ने सरकार और सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।
शराबबंदी पर सवाल
आरजेडी के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार ने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कई मंत्री और विधायक रोजाना शराब का सेवन करते हैं। यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि विधानमंडल परिसर में भी शराब की बोतलें खुलती हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार किया।
25 हजार करोड़ के समानांतर कारोबार का आरोप
सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून लागू कर नीतीश कुमार की सरकार ने करीब 25 हजार करोड़ रुपये का समानांतर कारोबार खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में बिहार की स्थिति बिगड़ी है और राज्य ‘उड़ता पंजाब’ जैसी हालत की ओर बढ़ रहा है।
सूखे नशे पर भी चिंता
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चे भी सूखे नशे की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
अशोक चौधरी पर हमला
सुनील कुमार ने मंत्री अशोक चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने उन्हें बिहार का “सबसे भ्रष्ट मंत्री” बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भारी संपत्ति अर्जित की है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही अशोक चौधरी की पीएचडी डिग्री को लेकर विवाद हुआ था। सुनील कुमार ने उनकी डिग्री को फर्जी बताया था, जिस पर सदन में हंगामा हुआ। इसके जवाब में अशोक चौधरी ने कहा था कि सवाल पूछने वाले को ज्ञान नहीं है।
राजनीतिक माहौल गरम
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या इस मामले में आगे कोई ठोस कार्रवाई होती है।

















