बिहार विधानसभा में सरकार ने किसान पहचान से जुड़ी बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। सम्राट चौधरी ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि मात्र दो महीनों में राज्य सरकार ने 50 लाख किसानों की फार्मर आईडी तैयार कर ली है।
उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कृषि और राजस्व विभाग के संयुक्त अभियान का परिणाम है।
500 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त
सम्राट चौधरी ने बताया कि इस पहल के तहत राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। किसान पहचान प्रणाली से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने में सहूलियत होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
कृषि मंत्री ने दी विस्तृत जानकारी
केसरिया विधायक शालिनी मिश्रा के सवाल का जवाब देते हुए रामकृपाल यादव ने बताया कि 17 फरवरी तक 45,18,744 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के सभी किसानों की आईडी तैयार की जाएगी। इसके लिए सरकार डोर-टू-डोर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है, ताकि कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
क्या होगा फायदा?
- योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खाते में
- पारदर्शिता में बढ़ोतरी
- फर्जी लाभार्थियों पर रोक
- कृषि योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग
सरकार का दावा है कि यह पहल किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

















