बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शुक्रवार को पटना के होटल मौर्या में अपना संकल्प पत्र जारी किया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के सभी घटक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौजूद रहे।
संकल्प पत्र में एनडीए ने अगले पांच वर्षों में बिहार को औद्योगिक, तकनीकी और शैक्षिक रूप से सशक्त राज्य बनाने का खाका पेश किया है।
एनडीए का नारा है —
“नया बिहार, नई दिशा, नया विश्वास”, जो विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा पर केंद्रित है।
🔹 संकल्प पत्र के प्रमुख बिंदु
1️⃣ जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा
- सीता रसोई योजना: गरीबों को 10 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
- हर अनुमंडल में कला, वाणिज्य और कानून संकाय के कॉलेज खोले जाएंगे, जिनमें फ्री छात्रावास सुविधा होगी।
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वेटनरी एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी।
2️⃣ स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़ा विस्तार
- हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और जेनरिक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
- प्रत्येक दो जिलों में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी।
- सिमुलतल्ला आवासीय विद्यालय की तर्ज पर हर जिले में एक आवासीय स्कूल बनाया जाएगा।
- नए शिक्षकों की नियुक्ति, समान वेतनमान और विश्वविद्यालयों के सत्रों को नियमित करने का वादा।
3️⃣ रोजगार और औद्योगिक विकास
- अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
- राज्य में आईटी पार्क और इकोनॉमिक जोन स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर यूनिट्स लगेंगी।
- डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण कर बिहार को रक्षा उत्पादन के मानचित्र पर लाया जाएगा।
- छोटे उद्यमियों को सरकारी ऋण और तकनीकी सहायता मिलेगी।
- सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश और औद्योगिक स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
4️⃣ पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बल
- हर जिले और प्रखंड में हस्तकौशल बाजार लगाए जाएंगे, ताकि कारीगर सीधे जनता तक अपने उत्पाद पहुँचा सकें।
- स्थानीय कलाकारों को मंच, सम्मान और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल सरकारी सहयोग से लगाए जाएंगे।
5️⃣ प्रशासनिक सुधार और समान अवसर
- नियोजित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाएगा।
- राज्य के भीतर और बाहर काम करने वाले सभी प्रवासी कामगारों का पंजीकरण किया जाएगा, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले।
- महारत्न, नवरत्न और मिनी रत्न उपक्रमों की मदद से नई औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जाएँगी।
🔸 विकास का विज़न
एनडीए का यह संकल्प पत्र बिहार को उड़ीसा, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों की राह पर आगे बढ़ाने की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
यह शिक्षा, उद्योग और कौशल को एक सूत्र में जोड़ते हुए आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बिहार की परिकल्पना करता है।


















