भारत में आज से जाति जनगणना (Caste Census) का पहला चरण औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। देशभर में लाखों सरकारी अधिकारी और गणनाकर्मी घर-घर जाकर लोगों से सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जानकारी जुटा रहे हैं। यह ऐतिहासिक प्रक्रिया आने वाले महीनों में पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
सरकार ने बताया है कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल और डेटा-आधारित होगी। गणनाकर्मियों के हाथ में टैबलेट या मोबाइल एप होगा, जिसके जरिए वे हर घर की जानकारी तुरंत अपलोड करेंगे। इस दौरान नागरिकों से उनका नाम, उम्र, लिंग, धर्म, जाति, शिक्षा, रोजगार, आय और आवासीय स्थिति जैसी विस्तृत जानकारी ली जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह डेटा नीतिगत निर्णयों, आरक्षण नीति की समीक्षा और सामाजिक न्याय योजनाओं के लिए बेहद अहम साबित होगा। सरकार का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य सभी वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सटीक रूप से समझना और विकास योजनाओं को उसी के अनुरूप बनाना है।
खुद ऐसे भर सकेंगे विवरण
इस बार केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सेल्फ-एंट्री पोर्टल की भी सुविधा दी है, जिससे नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप से खुद भी अपनी जानकारी भर सकेंगे।
नागरिकों को जनगणना पोर्टल पर जाकर लॉगिन या रजिस्टर करना होगा।
ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद अपनी फैमिली डिटेल, जाति, पेशा, शिक्षा आदि भर सकते हैं।
जानकारी सबमिट करने के बाद एक यूनीक रेफरेंस नंबर जनरेट होगा, जिसे भविष्य में सत्यापन के लिए रखा जाएगा।
जनगणना विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नागरिकों की निजी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी अन्य सरकारी या निजी संस्था को साझा नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह जाति आधारित जनगणना देश में सामाजिक और आर्थिक असमानताओं की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगी। आखिरी बार देशभर में जाति से जुड़ा विस्तृत सर्वे 1931 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था, जबकि राज्यों ने हाल के वर्षों में अपने-अपने स्तर पर सीमित सर्वे किए हैं।

भारत में आज से शुरू हुई जाति जनगणना का पहला चरण: घर-घर जाकर जुटाए जाएंगे आंकड़े, जानिए आप खुद कैसे भर सकते हैं विवरण
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