UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर राजधानी पटना में प्रशासन पूरी तरह हाई-अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। शहर के सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्त प्रशासनिक नियंत्रण और पुलिस निगरानी सुनिश्चित की गई है।
पटना प्रमंडल आयुक्त सह समन्वयी पर्यवेक्षक मयंक वरवड़े ने साफ कहा है कि परीक्षा की गरिमा और पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अनुचित गतिविधि को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस वर्ष पटना में कुल 79 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 39,147 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह आयोजित होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर में होगी। सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे पटना शहर को 30 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थानीय निरीक्षण अधिकारी, सहायक पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा 30 जोनल दंडाधिकारी और 16 अतिरिक्त सुरक्षित दंडाधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं।
परीक्षा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रण सख्त कर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कदाचार रोकने के लिए इस बार बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं। परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है और लगातार उद्घोषणा के माध्यम से अभ्यर्थियों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य की परीक्षाओं से भी उसे वंचित किया जा सकता है।
परीक्षा में समय पालन को लेकर भी प्रशासन बेहद सख्त है। पहली पाली के लिए सुबह 9 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 2 बजे के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
पूरे परीक्षा तंत्र की निगरानी के लिए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया गया है, जहां से पूरे जिले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा और UPSC प्रतिनिधियों ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे और सभी नियमों का पालन करें।


















