वाराणसी:
पवित्र नगरी वाराणसी में देव दीपावली की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। गंगा के घाट इस समय पूरी तरह संवारने में जुटे हैं। हर साल की तरह इस बार भी काशी में दिव्यता और भव्यता का संगम देखने को मिलेगा।
नगर निगम, पर्यटन विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार घाटों का निरीक्षण कर रही हैं। दशाश्वमेध, राजेंद्र प्रसाद, अस्सी, पंचगंगा और मणिकर्णिका घाट सहित सभी प्रमुख घाटों को दीयों, फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है।
हजारों कारीगर और स्वयंसेवक घाटों पर दीये सजाने और बिजली की झालरें लगाने में व्यस्त हैं। गंगा आरती स्थल पर विशेष मंच और प्रकाश व्यवस्था तैयार की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को मनमोहक दृश्य का अनुभव मिल सके।
प्रशासन ने सुरक्षा और सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया है। घाटों पर एनडीआरएफ और गोताखोर टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा, ड्रोन कैमरों से निगरानी और ट्रैफिक कंट्रोल प्लान भी लागू किया गया है।
देव दीपावली के दिन गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक जुटते हैं। माना जाता है कि इस दिन देवता स्वयं गंगा तट पर उतरकर दीप जलाते हैं। इस साल कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लेज़र शो और आतिशबाज़ी भी आकर्षण का केंद्र होंगी।
काशीवासियों के अनुसार, “देव दीपावली सिर्फ़ एक पर्व नहीं, बल्कि काशी की आत्मा का उत्सव है।”















