बेगूसराय (बिहार): बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है, वहीं बेगूसराय के ग्रामीणों ने समाज में सुधार की दिशा में एक अनुकरणीय कदम उठाया है। जिले के दोदराज पंचायत के पिपरा गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए शराबबंदी अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया है।
गांव में यह निर्णय लिया गया कि शराब बेचने वाले पर ₹11,000 का जुर्माना और शराब पीने वाले पर ₹5,100 का दंड लगाया जाएगा। इसके साथ ही सभी ग्रामीणों ने माता जगदंबा को साक्षी मानकर शराबमुक्त गांव बनाने की शपथ ली।
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कहा—
“हम सभी ग्रामीण माता जगदंबा को साक्षी मानकर यह शपथ लेते हैं कि हमारे पिपरा गांव में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद होगी। हम सभी युवक शराब पीना छोड़ देंगे और आस-पास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे।”
गांव में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए। ग्रामीणों ने न केवल शराब छोड़ने का संकल्प लिया, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन का रूप देने का भी फैसला किया।
उन्होंने कहा कि वे आसपास के गांवों में भी इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे ताकि समाज में नशामुक्ति का संदेश फैले और नई पीढ़ी इस बुराई से दूर रहे।
गांव के लोगों के इस संकल्प की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस जनजागरूकता अभियान की सराहना की है।















