गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। लंदन के अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एअर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को अतिरिक्त मुआवजे के बदले भविष्य में कानूनी दावा न करने का प्रस्ताव दिया है।
अतिरिक्त ₹10 से ₹20 लाख तक की पेशकश
रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन पीड़ित परिवारों को ₹10 लाख की अतिरिक्त अंतिम राशि देकर समझौते की पेशकश कर रही है। कुछ मामलों में यह राशि ₹20 लाख तक बताई गई है। प्रस्ताव में यह शर्त शामिल है कि परिवार भविष्य में इस हादसे से जुड़ा कोई कानूनी दावा नहीं करेंगे और कंपनी को सभी तरह की कानूनी जिम्मेदारियों से मुक्त करेंगे। यह छूट किसी भी देश या अदालत में लागू रहेगी।
लीगल टीम ने जताया विरोध
करीब 130 पीड़ित परिवारों की ओर से काम कर रही लीगल टीम ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि अभी तक हादसे की जांच पूरी नहीं हुई है और जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। ऐसे में परिवारों से केस का अधिकार छोड़ने के लिए कहना अनुचित है। कई घायल यात्रियों का इलाज अभी भी जारी है।
एअर इंडिया का जवाब
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता के अनुसार, अंतरिम राहत राशि देने के बाद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अंतिम मुआवजा कानून के अनुरूप और न्यायसंगत हो।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को केंद्र सरकार से विमान हादसे की जांच के ‘प्रोसिजरल प्रोटोकॉल’ पर रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड (AAIB) की जांच अंतिम चरण में है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के समक्ष एनजीओ ‘सेफ्टी मैटर्स’ की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि इतने गंभीर हादसे के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की जरूरत है, केवल AAIB की जांच पर्याप्त नहीं है।
बेंच ने कहा कि पहले AAIB की जांच रिपोर्ट आने दी जाए, उसके बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पर फैसला किया जाएगा।
बोइंग 787 की सुरक्षा पर सवाल
सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि 8 हजार से अधिक पायलट बोइंग 787 विमान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे ग्राउंड करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AAIB जांच टीम में DGCA के पांच सदस्य शामिल हैं।
इस पर केंद्र और DGCA की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने टिप्पणी की कि प्रशांत भूषण को संतुष्ट करने का एकमात्र तरीका शायद उन्हें ही कमेटी की अगुवाई दे देना है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
हादसे में 270 लोगों की मौत
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इस हादसे में कुल 270 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। केवल एक यात्री इस दुर्घटना में जीवित बच पाया था।
फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला था। DGCA के मुताबिक, विमान ने दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘मेडे कॉल’ भेजा, लेकिन इसके बाद संपर्क टूट गया।
विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू समेत कुल 242 लोग सवार थे। मुख्य पायलट के पास 8,200 घंटे और सह-पायलट के पास 1,100 घंटे का उड़ान अनुभव था।















