पटना।
बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह के दोनों बेटों अंकित सिंह और अभिषेक सिंह ने केंद्रीय मंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह से मुलाकात की है। इस दौरान अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी भी मौजूद रहीं। इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।
अनंत सिंह के बेटों और ललन सिंह के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अनंत सिंह के दोनों बेटे जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं और इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की गई है।
वहीं, दूसरी ओर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मुलाकात अनंत सिंह की जमानत और जेल से रिहाई को लेकर की गई हो सकती है। गौरतलब है कि अनंत सिंह पिछले कई महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं।
दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह के समर्थकों और जनसुराज के समर्थकों के बीच हुई झड़प में जनसुराज प्रत्याशी का समर्थन कर रहे दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पहले चरण के चुनाव यानी 6 नवंबर से पहले ही उनकी गिरफ्तारी हो गई थी।
अनंत सिंह ने अब तक कई बार जमानत के लिए याचिका दायर की है, लेकिन फिलहाल उन्हें जमानत नहीं मिल सकी है। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने मोकामा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। विधानसभा चुनाव में उनका मुकाबला सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी से था, जिन्हें अनंत सिंह ने करीब 28 हजार वोटों से पराजित किया।
फिलहाल अनंत सिंह ने अभी तक विधायक पद की शपथ नहीं ली है। नियमों के अनुसार, उनके पास शपथ लेने के लिए छह महीने का समय है। यदि तय समय सीमा में वह शपथ नहीं लेते हैं, तो उनकी विधायकी भी जा सकती है।
इसी बीच ललन सिंह से अनंत सिंह के बेटों और पत्नी की मुलाकात ने एक बार फिर राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंकित सिंह और अभिषेक सिंह जल्द ही अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकते हैं और आने वाले चुनावों में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं।
अनंत सिंह जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक हैं और माना जा रहा है कि उनके दोनों बेटे भी जदयू से ही राजनीति की शुरुआत कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस समय जदयू में सदस्यता अभियान भी चल रहा है, जिससे इन अटकलों को और बल मिला है।















