बिहार के रहने वाले देश के जाने-माने उद्योगपति और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है। इस दुखद खबर की जानकारी खुद अनिल अग्रवाल ने फेसबुक पोस्ट के ज़रिये दी। उन्होंने लिखा कि आज उनके जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है।
अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में अपने दोस्त के साथ स्कीइंग करने गए थे, जहां एक दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट साइनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में हालत में सुधार दिखा, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट आने से उनका निधन हो गया। अग्निवेश अग्रवाल की उम्र 49 वर्ष थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने अनिल अग्रवाल की पोस्ट को रीट्वीट करते हुए लिखा—
“श्री अग्निवेश अग्रवाल का असमय निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखद है। इस मार्मिक श्रद्धांजलि में आपके दुख की गहराई साफ झलकती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति मिले। ओम शांति।”
अनिल अग्रवाल ने अपने भावुक पोस्ट में लिखा—
“मेरा अग्निवेश, मेरा 49 साल का बेटा, आज हमारे बीच नहीं रहा। एक पिता के कंधे पर बेटे की अर्थी जाने से बड़ा दुख क्या हो सकता है। 3 जून 1976 को पटना में जन्मा अग्नि एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार से था।”
उन्होंने बताया कि अग्निवेश बचपन से ही बेहद चंचल, मिलनसार और जिंदादिल स्वभाव का था। उसने मायो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की थी। अग्निवेश एक मजबूत व्यक्तित्व के मालिक थे—वे बॉक्सिंग चैंपियन रहे, घुड़सवारी के शौकीन थे और एक बेहतरीन संगीतकार भी थे।
अग्निवेश अग्रवाल ने Fujeirah Gold जैसी सफल कंपनी खड़ी की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। लेकिन इन उपलब्धियों से ऊपर वे बेहद सरल और जमीन से जुड़े इंसान थे। वे अपने दोस्तों, सहकर्मियों और कर्मचारियों के बीच हमेशा सहज रहते थे।
अनिल अग्रवाल ने लिखा कि अग्निवेश सिर्फ उनका बेटा नहीं, बल्कि उनका दोस्त, उनकी शान और उनकी पूरी दुनिया था। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे अपने बेटे से किए वादे को निभाएंगे और अपनी आय का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज सेवा में लगाएंगे।
उन्होंने कहा—
“मेरे बेटे के सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा। अब बाकी जिंदगी और भी सादगी से जीऊंगा और देश व समाज के लिए समर्पित करूंगा।”


















