बिहार: नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 25 नवंबर को होने वाली है। इस बीच, बिहार दौरे पर पहुंचे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उनकी शर्त पूरी होना जरूरी है।
अमौर में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने कहा कि राज्य में विकास केवल राजधानी पटना और पर्यटन स्थल राजगीर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि AIMIM नीतीश सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन सीमांचल क्षेत्र को न्याय मिलना चाहिए।
ओवैसी ने सीमांचल क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं जैसे नदी कटाव, बड़े पैमाने पर पलायन और भ्रष्टाचार को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इन चुनौतियों के स्थायी समाधान पर काम करना होगा। बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित यह क्षेत्र राज्य के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक माना जाता है। यहां मुस्लिम आबादी का बड़ा हिस्सा रहता है और हर साल कोसी नदी की बाढ़ से भारी नुकसान होता है।
इस बार सीमांचल में एनडीए का दबदबा देखने को मिला। सीमांचल की 24 विधानसभा सीटों में से 14 पर NDA ने जीत दर्ज की, जबकि AIMIM ने पांच सीटों पर कब्जा बरकरार रखा। 2020 में भी AIMIM को 5 सीटों पर जीत मिली थी, हालांकि उस चुनाव में चार विधायक चुनाव के बाद आरजेडी में शामिल हो गए थे।
ओवैसी ने बताया कि वे अपने पांच विधायकों पर कड़ी नजर रखेंगे। सभी विधायक हफ्ते में दो दिन अपने विधानसभा कार्यालय में बैठेंगे और अपनी लाइव लोकेशन और फोटो भेजेंगे, ताकि उनकी मौजूदगी की पुष्टि हो सके। यह व्यवस्था छह महीने के भीतर लागू करने की तैयारी है।
इसके अलावा, ओवैसी ने हर छह महीने में सीमांचल दौरे का वादा किया और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को तेज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पटना जान चुका है कि सीमांचल की जनता “पतंग छाप के साथ है” और अब सीमांचल से ही राज्य की सरकार को संदेश जाएगा।

















