बिहार के बांका जिले से बिजली विभाग की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक उपभोक्ता को महज दो बल्ब उपयोग करने पर करीब 3.5 लाख रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने बिल में सुधार करने के बजाय उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन ही काट दिया, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई।
पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने अगस्त 2024 में समय पर अपना बिजली बिल जमा कर दिया था। उस समय केवल करीब एक हजार रुपये ही बकाया था। लेकिन अगले ही महीने अचानक एक लाख रुपये से अधिक का बिल भेज दिया गया। इसके बाद हर महीने बिल की राशि तेजी से बढ़ती चली गई और अब यह आंकड़ा करीब 3.5 लाख रुपये तक पहुंच गया।
भारी-भरकम बिल से परेशान उपभोक्ता ने कई बार बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाया और अधिकारियों से गुहार लगाई कि मीटर या बिलिंग में गंभीर त्रुटि हुई है। बावजूद इसके विभाग की ओर से न तो मीटर जांच कराई गई और न ही बिल में कोई सुधार किया गया। उलटे, पिछले सोमवार को विभाग ने उनका बिजली कनेक्शन काट दिया, जिससे घर अंधेरे में डूब गया।
उपभोक्ता ने बताया कि नियमों के अनुसार जब कोई बिल विवादित होता है और उसकी जांच लंबित रहती है, तो बिजली विभाग को कनेक्शन काटने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आम उपभोक्ताओं का विभाग पर से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। पीड़ित उपभोक्ता ने अब प्रशासन और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि गलत बिल को रद्द कर कनेक्शन तत्काल बहाल किया जाए।
फिलहाल, बिजली विभाग की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।















