शोषण के आरोपों को लेकर प्रबंधक व ठेकेदारों के खिलाफ हड़ताल, विधायक पहुंचे समर्थन में
बेगूसराय।
बरौनी रिफाइनरी तेल शोधक कारखाना में मजदूरों ने शुक्रवार को अपने हक और अधिकारों की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया। मजदूरों ने सुबह 9 बजे से लेकर संध्या 7 बजे तक चक्का जाम कर रिफाइनरी का पूरा कामकाज ठप कर दिया। इस दौरान रिफाइनरी परिसर और उसके आसपास अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

मजदूरों का आरोप है कि रिफाइनरी प्रबंधन और ठेकेदारों द्वारा लंबे समय से उनका शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को न तो समय पर मजदूरी दी जाती है और न ही श्रम कानूनों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे मजबूर होकर उन्हें हड़ताल और चक्का जाम का रास्ता अपनाना पड़ा।

आंदोलन की सूचना मिलते ही मटिहानी विधायक बोगो सिंह और नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने मजदूरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और इसके बाद ठेकेदारों तथा रिफाइनरी प्रबंधन से भी वार्ता की। विधायकों ने मजदूरों की मांगों को जायज बताते हुए प्रबंधन से शीघ्र समाधान की अपील की।
मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। करीब 10 घंटे तक चले चक्का जाम के कारण बरौनी रिफाइनरी का कार्य पूरी तरह बाधित रहा, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ा।
हालांकि देर शाम तक वार्ता का दौर चलता रहा, लेकिन मजदूरों की मांगों पर अंतिम निर्णय को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। वहीं प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट
















