
बेगूसराय में मिथिला चित्रकला कार्यशाला का आयोजन, छात्राओं ने सीखी लोक कला की बारीकियां
बेगूसराय में लोक कला के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा सराहनीय पहल की जा रही है। इसी क्रम में कला एवं संस्कृति कार्यालय, बेगूसराय की ओर से आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में दो दिवसीय मिथिला चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बेगूसराय के वरिष्ठ चित्रकार इंद्र मोहन प्रसाद की एकल चित्रकला प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसने प्रतिभागियों को खासा आकर्षित किया।

कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षिका मिनल कुमारी द्वारा प्रतिभागियों को मिथिला चित्रकला की पारंपरिक शैली, रंग संयोजन, प्रतीकों और विषयवस्तु की बारीक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मिथिला चित्रकला की बारीकियों को नजदीक से समझा।
लोक कला से रूबरू होकर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने स्वयं अपनी कलाकृतियों का सृजन किया और पारंपरिक मिथिला चित्रकला के विभिन्न रूपों को कैनवास पर उतारा।
कार्यशाला के उपरांत आयोजित एकल चित्रकला प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों को देखकर छात्राओं ने वरिष्ठ कलाकार इंद्र मोहन प्रसाद से कला से जुड़े कई सवाल पूछे। इस दौरान इंद्र मोहन प्रसाद ने प्रत्येक चित्र की विशेषताओं, भाव-भंगिमा और उसके पीछे छिपे सांस्कृतिक संदेश की विस्तार से व्याख्या की, जिससे छात्राओं को लोक कला को समझने का नया दृष्टिकोण मिला।

इस अवसर पर उपस्थित कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं बच्चों में रचनात्मकता विकसित करने के साथ-साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करती हैं।
उल्लेखनीय है कि कला एवं संस्कृति विभाग, बेगूसराय द्वारा कला के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से दो दिवसीय कला कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे नई पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट















