बेगूसराय। जिले के नवनियुक्त जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने गुरुवार को निवर्तमान डीएम तुषार सिंगला से पदभार ग्रहण कर लिया। प्रभार ग्रहण के साथ ही उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उन विकास योजनाओं और शहरी सुधार परियोजनाओं को गति देना होगी, जिनकी नींव पूर्व डीएम ने रखी थी। इनमें ट्रैफिक दबाव कम करना, सड़क सुरक्षा में सुधार और शहर के विस्तार से जुड़ी योजनाएँ प्रमुख हैं।
एसएच-55 को फोर लेन बनाने का प्रस्ताव—48 किलोमीटर लंबी सड़क पर अत्यधिक ट्रैफिक दबाव
पूर्व डीएम तुषार सिंगला ने शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सरकार को कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजे थे। सबसे अहम प्रस्ताव बेगूसराय से रोसड़ा तक एसएच-55 सड़क को फोर लेन में बदलने का है। लगभग 48 किलोमीटर लंबी यह सड़क मंझौल, चेरियाबरियारपुर और खोदावंदपुर होकर रोसड़ा घाट तक जाती है।
यह मार्ग रोसड़ा, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जिलों को जोड़ता है। चौड़ीकरण होने पर इन जिलों तक आवागमन तेज होगा और समय व ईंधन दोनों की बचत होगी। सड़क पर अभी भारी ट्रैफिक लोड, रोजाना जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बनी रहती है।
शहर में कई 4-लेन सड़क परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए
1. सुभाष चौक से वीर कुंवर सिंह चौक तक 4-लेन सड़क
- लंबाई: 1.8 किलोमीटर
- प्राक्कलित राशि: 23 करोड़ 52 लाख 24 हजार रुपये
2. अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय से वीर कुंवर सिंह चौक तक 4-लेन सड़क
- लंबाई: 760 मीटर
- प्राक्कलित राशि: 7 करोड़ 16 लाख 7 हजार रुपये
3. लोहियानगर आरओबी के समानांतर नया आरओबी
- अत्यधिक ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित।
राजेंद्र पुल स्टेशन से सिमरिया घाट तक 4-लेन सड़क
- लंबाई: 1 किलोमीटर
- प्राक्कलित राशि: 14 करोड़ 28 लाख 53 हजार रुपये
यह क्षेत्र एनएच-31 और सिमरिया घाट के बीच एक महत्वपूर्ण लिंक है, जहाँ त्योहारों और भीड़भाड़ के समय भारी जाम की समस्या रहती है।
बेगूसराय शहर में ट्रैफिक चौक से डाक बंगला चौक तक फ्लाईओवर का प्रस्ताव
शहर में जाम की समस्या को स्थायी रूप से कम करने के लिए 2.316 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है।
प्रमुख ब्रांच—
- कचहरी चौक से कैंटीन चौक
- कालीस्थान चौक से छितरही कोठी
प्राक्कलित राशि: 500 करोड़ रुपये
यह अब तक की सबसे बड़ी शहरी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
पंचायत सरकार भवन निर्माण में देरी—217 में केवल 27 पंचायतों में भवन तैयार
जिले की 217 पंचायतों में से अभी तक केवल 27 पंचायत सरकार भवन ही बन पाए हैं, जबकि 120 पंचायतों में मनरेगा खेल भवन का निर्माण पूरा हुआ है। 18 पंचायतों में अभी भी निर्माण कार्य जारी है।
निर्माण की धीमी गति प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
सात नए पावर सबस्टेशन प्रस्तावित—कुछ जगह जमीन चयन बाकी
बेगूसराय विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अंतर्गत सात नए पावर सबस्टेशन प्रस्तावित हैं—
- जीडी कॉलेज
- इंजीनियरिंग कॉलेज
- रचियाही
- नीमा चांदपुरा
- सुजावनपुर
- भीरअलीपुर
- पंचवीर
इनमें से दो स्थानों पर भूमि चयन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है।
हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना—जमीन उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती
राज्य सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इसके लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराना भी नया प्रशासन के सामने एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
अतिक्रमण हटाओ अभियान—लोगों ने की निष्पक्षता की मांग
नगर निगम की ओर से हाल ही में शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन गरीबों पर तो सख्ती दिखा रहा है, लेकिन रसूखदारों के विरुद्ध कार्रवाई में हिचकिचाता रहा है। नए डीएम के लिए इस अभियान को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट

















