बेगूसराय में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों और अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन कानूनों की समीक्षा या वापसी की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों को भी कानूनी मामलों में फंसाया जा रहा है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दरभंगा के एक मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आपसी रंजिश के बाद पूरे गांव के लोगों पर केस दर्ज कर दिया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सरकार को सभी वर्गों के साथ न्याय सुनिश्चित करना चाहिए और यदि किसी कानून के दुरुपयोग की शिकायतें हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम सामाजिक रूप से वंचित समुदायों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, और इसके दुरुपयोग के मामलों में भी न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध है। सुप्रीम कोर्ट समय-समय पर इस कानून के प्रावधानों और उसके क्रियान्वयन पर दिशा-निर्देश देता रहा है।
प्रशासन की ओर से अब तक इस प्रदर्शन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
स्थिति पर आगे की कार्रवाई और सरकारी प्रतिक्रिया का इंतजार है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट















