देशभर में बड़ी संख्या में वाहन मालिक BH (भारत सीरीज) नंबर प्लेट का उपयोग करते हैं। यह खास नंबर सीरीज उन लोगों के लिए फायदेमंद होती है, जिनकी नौकरी के कारण उन्हें बार-बार एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होना पड़ता है। लेकिन अब ऐसे वाहन मालिकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने BH सीरीज वाहनों के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। नए आदेश के तहत अब इस सीरीज का रजिस्ट्रेशन कराने वालों को 14 साल का रोड टैक्स एकमुश्त जमा करना होगा।
🔸 पहले दो साल का टैक्स देना होता था
अब तक BH सीरीज नंबर लेने के लिए वाहन मालिकों को केवल दो साल का रोड टैक्स जमा करना पड़ता था। मंत्रालय ने यह सुविधा इसलिए दी थी ताकि बार-बार राज्य बदलने वाले कर्मचारियों को रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर की झंझट से राहत मिले।
हालांकि, अब परिवहन मंत्रालय ने पाया कि इस व्यवस्था से सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था। इसलिए नियमों में बदलाव करते हुए टैक्स भुगतान को 14 साल के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
🔸 मुजफ्फरपुर में वाहन मालिकों को मिला नोटिस
मुजफ्फरपुर जिले में जिन वाहन मालिकों ने पहले केवल दो साल का टैक्स देकर BH नंबर प्राप्त किया था, उन्हें अब शेष 12 साल का टैक्स तुरंत जमा करने का निर्देश दिया गया है।
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) कुमार सत्येंद्र यादव ने बताया कि—
“सभी संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस भेजा जा चुका है। अगर निर्धारित समय सीमा तक टैक्स नहीं जमा किया गया, तो प्रति दिन ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा।”
मुजफ्फरपुर में अब तक करीब 1200 BH नंबर जारी किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश वाहन मालिकों ने शेष टैक्स का भुगतान कर दिया है।
🔸 कौन ले सकता है BH सीरीज नंबर?
DTO के अनुसार, BH सीरीज नंबर केवल उन्हीं लोगों के लिए मान्य है जो—
केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी हों, या
ऐसी निजी अथवा अर्द्धसरकारी कंपनी में काम करते हों जिनके कार्यालय कम से कम चार राज्यों में हों।
इसके लिए आवेदक को अपनी कंपनी से प्रमाणपत्र लेना होगा कि उनकी नौकरी ट्रांसफर योग्य है।
🔸 विभाग ने सख्त की निगरानी
परिवहन विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी गाइडलाइनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के बाद ही BH सीरीज नंबर जारी किया जाए। विभाग का कहना है कि अब बिना पात्रता की पुष्टि किए कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
BH सीरीज योजना शुरू में नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुई थी, लेकिन अब टैक्स नियमों में बदलाव के बाद वाहन मालिकों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ सकता है। विभागीय सख्ती के बाद अब जो लोग तय समय में टैक्स नहीं देंगे, उन्हें भारी जुर्माने का सामना करना होगा।

















