बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा हर जिले में आम लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं। प्रत्येक जिले में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद का मकसद आम जनता को राजस्व और भूमि सुधार विभाग से जुड़ी सेवाओं का समय पर उपलब्ध कराना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
भागलपुर में संवाद का आयोजन
इस कड़ी में 5 जनवरी 2026 को भागलपुर में भूमि सुधार जन कल्याण संवाद आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम टाउन हॉल, भागलपुर में आयोजित होगा। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
कार्यक्रम दो चरणों में होगा:
- पहली पाली: सुबह 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक आम जनता से सीधे संवाद। इस दौरान लोग विभाग से संबंधित ऑनलाइन सेवाओं, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी समेत अन्य मामलों पर अपनी शिकायतें दर्ज कराएंगे। कुछ मामलों का चयन कर संबंधित अधिकारी और राजस्व कर्मियों को मौके पर ही बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
- दूसरी पाली: अपराह्न 3:30 बजे से 5 बजे तक अधिकारियों के साथ राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक। इसमें प्रमंडलीय आयुक्त, जिला समाहर्ता, अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और राजस्व कर्मचारी शामिल होंगे।
आवेदन प्रक्रिया और पंजीकरण
आवेदनकर्ताओं का पंजीकरण सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक टाउन हॉल में अंचलवार काउंटर पर किया जाएगा। आवेदन में अंचल का नाम, पूरा पता और मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा ताकि कार्रवाई की जानकारी उन्हें संदेश के माध्यम से मिलती रहे। पहले से किए गए आवेदन की प्रति संलग्न करना भी जरूरी है।
सख्त निर्देश और समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि 75 दिनों से अधिक लंबित सभी दाखिल-खारिज आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा। महाअभियान से संबंधित दस्तावेज़ों को स्कैन कर सोमवार की समीक्षा बैठक से पहले अपलोड करना अनिवार्य होगा। समीक्षा बैठक में सभी अंचल अधिकारी, अमीन और राजस्व कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
मुख्य उद्देश्य और जनता को भरोसा
विजय सिन्हा ने कहा कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद का उद्देश्य भूमि से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं को समय पर उपलब्ध कराना, भूमि अभिलेखों को अद्यतन करना और भूमि विवादों में कमी लाना है। उन्होंने आम जनता को भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी को भूमि सुधार से जुड़े कार्यों में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
राज्यभर में राजस्व ग्राम स्तर पर समीक्षा का कार्य लगातार जारी है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बने। इस तरह के संवाद से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में भी सुधार होगा।

















