बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। सूत्रों की जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय-व्यय बजट सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि बजट सत्र फरवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तिथि घोषित नहीं हुई है।
इस बजट सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश करने की भी योजना बना रही है। इसके लिए सभी विभागों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरे अनुपूरक बजट में मुख्य रूप से उन योजनाओं के खर्च के पैटर्न में बदलाव के सुझाव लिए जा रहे हैं, जिनमें अब खर्च लाभकारी नहीं रह गया है। इन योजनाओं के शेष बजट या उसका एक हिस्सा उन योजनाओं में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है।
वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए आवश्यक मैचिंग ग्रांट की व्यवस्था अनुपूरक बजट के माध्यम से की जाएगी। यदि किसी केंद्रीय योजना के तहत भारत सरकार की ओर से राशि जारी हो चुकी है, लेकिन राज्य बजट में उसके खर्च का प्रावधान नहीं हो सका है, तो तीसरे अनुपूरक बजट में उसका भी प्रावधान किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सभी विभागों को 19 जनवरी तक अनुपूरक बजट के लिए प्रस्ताव देने का निर्देश दिया गया है। वित्त विभाग ने यह भी साफ किया है कि किसी भी प्रस्ताव की मंजूरी इस बात पर निर्भर करेगी कि इससे 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3 फीसदी से अधिक न बढ़े।
बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहले अनुपूरक बजट के तहत 57,946 करोड़ रुपये और दूसरे अनुपूरक बजट के तहत 91,717 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जा चुका है। अब तीसरे अनुपूरक बजट को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं और इसके साथ ही विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट सत्र का माहौल भी गहराता जा रहा है।

















