पटना। बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सरकार ने युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारियां आने वाले दिनों में और बढ़ने वाली हैं।
नवगठित विभाग को अब ई-पोर्टल का संचालन, जिलों में रोजगार मेले आयोजित करना और नौकरी से जुड़ी युवाओं की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना होगा। हाल ही में सरकार ने विभाग के सुचारू संचालन के लिए 147 नए पदों को स्वीकृति दी है। मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर भी लगा दी है।
जानकारी के अनुसार, विभाग का सबसे अहम कार्य एक ई-पोर्टल का प्रबंधन होगा, जहां युवा अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और ऑनलाइन आवेदन भी कर पाएंगे। इससे युवाओं को विभिन्न विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इसके अलावा विभाग राज्य के अलग-अलग जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन करेगा, जहां निजी और सरकारी कंपनियां सीधे युवाओं से संवाद कर उन्हें नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएंगी। साथ ही निजी कंपनियों, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से समन्वय कर अधिक से अधिक रोजगार सृजन पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार के युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे और रोजगार की राह आसान होगी।















