भाजपा में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन तय। 20 जनवरी को नितिन नवीन निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाएंगे। नामांकन 19 जनवरी को, दिल्ली में जुटेगा पूरा शीर्ष नेतृत्व। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पार्टी को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है और यह जिम्मेदारी नितिन नवीन संभालने जा रहे हैं। 20 जनवरी को होने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसके लिए नामांकन की औपचारिक प्रक्रिया 19 जनवरी को पूरी की जाएगी, जबकि 20 जनवरी को उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
भाजपा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के परिणाम की घोषणा करेंगे। इस मौके पर पार्टी शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता दिल्ली में मौजूद रहेंगे। इसे भाजपा के भीतर एक बड़े और संगठित नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए कुल तीन सेट में नामांकन दाखिल किए जाएंगे। पहले सेट में देशभर के 20 से अधिक निर्वाचित प्रदेश अध्यक्षों के हस्ताक्षर होंगे। दूसरे सेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के हस्ताक्षर शामिल रहेंगे। वहीं तीसरे सेट में भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के हस्ताक्षर होंगे। इन तीनों सेटों के जरिए नितिन नवीन के नामांकन को पूरी मजबूती दी जाएगी।
मंगलवार को दिल्ली में भाजपा की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष, सुनील बंसल, अरुण सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में चुनाव प्रक्रिया, कार्यक्रम और संगठनात्मक समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर शीर्ष नेतृत्व की पूरी सहमति है। यही वजह है कि उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार के नामांकन की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। भाजपा इस अवसर के जरिए संगठन में स्थिरता, एकजुटता और मजबूत नेतृत्व का संदेश देना चाहती है।
20 जनवरी को औपचारिक घोषणा के बाद नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पार्टी की कमान संभालेंगे। उनके नेतृत्व में भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों, संगठन विस्तार और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों को नई दिशा देने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी। राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को भाजपा की नई रणनीतिक यात्रा की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।


















