बिहार में नई सरकार बनने के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की मजबूती, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर खुलकर बात की।
2009 सबसे कठिन दौर था, लेकिन 2020 का फैसला आज पार्टी की ताकत है”
चिराग पासवान ने कहा कि 2009 पार्टी के लिए सबसे मुश्किल साल था, लेकिन इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में एलजेपी (आर) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा—
“पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद अकेले चुनाव लड़ने का फैसला बेहद कठिन था, लेकिन सही साबित हुआ।”
“2020 में एनडीए से अलग होकर 130+ सीटों पर चुनाव लड़ना पार्टी के लिए चुनौती थी, भले ही तब सिर्फ एक सीट मिली, लेकिन उसी हार ने हमें मजबूत बनाया।”
इसके बाद 2025 विधानसभा चुनाव में LJP(R) ने 19 सीटें जीतकर दमदार वापसी की है।
स्थापना दिवस 28 नवंबर को पटना में भव्य आयोजन
चिराग पासवान ने घोषणा की कि एलजेपी (आर) 28 नवंबर को पटना में स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाएगी।
इसके बाद—
जनवरी में खरमास समाप्त होते ही पार्टी पूरे बिहार की व्यापक यात्रा शुरू करेगी।
छोटे-छोटे स्थानीय मुद्दों को चिन्हित कर उन पर अभियान चलाया जाएगा।
दलित सेना का पुनर्गठन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी अरुण भारती को दी गई है।
दो विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली
नई सरकार में एलजेपी (आर) को प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी के दो विधायक—
संजय कुमार पासवान (बखरी)
संजय सिंह (महुआ) — जिन्होंने तेजप्रताप यादव को हराया
दोनों ने मंत्री पद की शपथ ली है।
चिराग पासवान ने जोर देकर कहा—
“हम सिर्फ सरकार का समर्थन नहीं कर रहे,
हम सरकार का हिस्सा हैं।”
गुरुवार को गांधी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे।
मंच पर चिराग पासवान ने जेपी नड्डा और जीतन राम मांझी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
🚀 “राजनीति नहीं, बिहार की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता”
चिराग पासवान ने कहा कि 2014 से पार्टी लगातार मजबूत हुई है और कठिन परिस्थितियों में भी कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी।
उन्होंने आगे कहा—
“हमारी प्राथमिकता सिर्फ राजनीति नहीं, बिहार की समस्याओं का समाधान है।”
“जनता ने हमारे फैसलों पर भरोसा किया है और हम उस भरोसे पर खरा उतरेंगे।”
विभागों के बंटवारे से पहले चिराग का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि एलजेपी (आर) नई सरकार में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।














